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संयुक्त हिंदी सलाहकार समिति की पहली बैठक की झलकियाँ

परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग की पुनर्गठित संयुक्त हिंदी सलाहकार समिति की पहली बैठक की झलकियाँ-दिनांक 09.04.2022

 

डॉ. जितेन्द्रं सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग तथा अंतरिक्ष राज्यमंत्री की अध्यक्षता में दिनांक 09.04.2022 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग की पुनर्गठित संयुक्त हिंदी सलाहकार समिति की पहली बैठक आयोजित की गई |
परमाणु ऊर्जा विभाग की ओर से सरकारी सदस्य के रूप में श्री भुवन चंद्र पाठक, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनपीसीआईएल, मुम्बई एवं डॉ. दीपक कुमार सिन्हा, निदेशक, पखनि, हैदराबाद इस समिति के सदस्य है |
संयुक्त हिंदी सलाहकार समिति की उक्त बैठक में परमाणु ऊर्जा विभाग की ओर से श्री के. एन. व्यास, अध्यक्ष, प.ऊ.आयोग, एवं सचिव, प.ऊ.विभाग, श्री भुवन चंद्र पाठक, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनपीसीआईएल, मुम्बई (वर्चुअल माध्यम से) श्री संजय कुमार, संयुक्त सचिव (प्रशा.एवं लेखा),पऊवि,मुम्बई, डॉ. दीपक कुमार सिन्हा, निदेशक, पखनि, हैदराबाद, डॉ. कृष्ण कुमार पाण्डेय, क्षेत्रीय निदेशक, उत्तरी क्षेत्र, नई दिल्ली एवं डॉ. दीप प्रकाश,विशेष कार्य आधिकारी,प.ऊ.विभाग, नई दिल्ली ने में भाग लिया |
बैठक में परमाणु ऊर्जा विभाग के संदर्भ अपना मत रखते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह जी ने कहा कि भारत का परमाणु कार्यक्रम जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए है न कि मानव जीवन को नुकसान पहुंचाने के लिए। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत ने परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग पर आधारित डॉ. होमी भाभा द्वारा परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की शुरुआत के बाद से एक लंबी यात्रा तय की है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि डॉ. भाभा की महान प्रतिज्ञा को "संकल्प से सिद्धि" के रूप में नवीनीकृत किया जाए।
इस बैठक में संयुक्त सचिव (प्रशा.एवं लेखा),पऊवि,मुम्बई, ने परमाणु ऊर्जा विभाग की गतिविधियों को एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया व विभिन्न खनिजों के नमूने एवं विभाग द्वारा हिंदी में प्रकाशित विभिन्न सामग्री को प्रदर्शित किया गया