Print Icon हिन्दी दिवस 2020

परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय, हैदराबाद में प्रति वर्ष तरह 14 सितंबर 2020 को हिन्दी दिवस समारोह का आयोजन किया गया । हिन्दी दिवस समारोह के मुख्य अतथि मुख्य संवाददाता-डेली हिन्दी मिलाप, हैदराबाद श्री एफ.एम.सलीम, निदेशक, पखनि डॉ. दीपक कुमार सिन्हा एवं अपर निदेशक (प्रचालन-1) श्री संदीप हैमिल्टन द्वारा विधिवत् रूप से दीप प्रज्ज्जलित कर हिन्दी दिवस का उद्घाटन किया गया । उप निदेशक (राजभाषा) श्री एम.सतीश कुमारने मंचासीन अतिथियों एवं इस अवसर पर सभागार में उपस्थित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का स्वागति किया तथा गत वर्ष पखनि में आयोजित विभिन्न हिन्दी कार्यक्रमों का लेखाजोखा प्रस्तुत किया । श्री जबीउल्ला, सहायक निदेशक (राजभाषा) ने गृहमंत्री, भारत सरकार एवं अध्यक्ष, परमाणु ऊर्जा आयोगि एवं सचिव परमाणु ऊर्जा विभाग से प्राप्त संदेशों का वाचन किया । श्री संदीप हैमिल्टन अपने भाषण में कहा कि प्रत्येक केन्द्रीय सरकारी कार्यालय में राजभाषा का कार्यान्वयन न केवल एक सांविधिक आवश्यकता है बल्कि भारतीय भाषाओं में सरकारी काम करने से जनता को सरकार से सीधे जोड़ने का एक महत्वपूर्ण कार्य है ।“

अपने अध्यक्षीय भाषण में पखनि के निदेशक डॉ. दीपक कुमार सिन्हा ने मुख्य अतिथि का आभार प्रकट करते हुए कहा कि पखनि राजभाषा विभाग एवं परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा जारी राजभाषा हिन्दी संबंधी आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिएवचनबद्ध है । आगे उन्होंने कहा कि पखनि में कार्यरत सभी वैज्ञानिक अधिकारी अपने अनुसंधान एवं अन्वेषण कार्यों के अतिरिक्त अपना दैनिक कार्य जैसे पत्राचार, हिन्दी टिप्पण आदि कार्य हिन्दी में करते है । पखनि में हर वर्ष नियमति रूप से दो हिन्दी वैज्ञानिक संगष्ठियों का आयोजन किया जाता है तथा संगोष्ठियों में प्रस्तुत शोधपत्रों को संकलित कर उसे स्मारिका के रूप में प्रकाशित किया जाता है ।

इस अवसर पर पखनि की गृहपत्रिका खनिज भारती पत्रिका का विमोचन मुख्य अतिथि सलीम, डॉ. दीपक कुमार सिन्हा एवं श्री संदीप हैमिल्टन के करकमलों से किया गया।

अतिथिवक्ता श्री सलीम ने अपने रोचक व ज्ञानवर्धक व्याख्यान में हिन्दी व अन्य भारतीय भाषाओं के संदर्भ में अपने विचार प्रकट किए जिसकी सराहना सभी ने की । अंत में डॉ. दीपक कुमार सिन्हा ने अतिथिवक्ता श्री सलीम को शाल ओड़कर एवं स्मृति चिह्न प्रदानकर सम्मानित किया । समारोह का अंत सुश्री गुरचरन राजपाल, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी के धन्यवाद ज्ञापन से संपन्न हुई ।